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लौ भैया, संघी, मुसंघी और ई-संघियों के लिए एक और बुरी खबर।

Posted On: 17 Jun, 2016 में

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लौ भैया, संघी, मुसंघी और ई-संघियों के लिए एक और बुरी खबर।
बेचारे कोई जश्न ही ठीक से नहीं मना पा रहे। अभी “संघी विकास” की बे वक़्त मौत के सदमें से उबरे नहीं कि दूसरी मनहूस खबर।
जिस तरह प्रायः हम लोग सड़कों पर मदारियों और उनके बंदरों के तमाशे देख कर खूब आनन्दित होते हैं। खूब तालियां बजाते हैं। खड़े हो हो कर मदारी और उसके बंदर का उत्साहवर्धन करते हैं।
ठीक वैसा ही अमेरिकी कांग्रेस ने हमारे मोदी जी के साथ किया।
क्या भाषण था मोदीजी का? 90 बार तालियां बजी, 17 बार लोग खड़े हुए लेकिन उसी अमेरिकन कांग्रेस ने न्यूक्लिअर सप्लायर ग्रुप में भारत की सदस्यता को 85 के मुकाबले 13 वोट से ख़ारिज कर दिया।
ओबामा के साथ मैत्री लीला और अमेरिका चालीसा भी काम न आया।
खेल ख़तम, पैसा हज़म।
ओबामा जी, इतना तो रहम करते, भक्तों को तालियों का जश्न ठीक से मना लेने देते। अपनी पीठ थपथपाने लेने देते।
सच बताओ वो तालियां थी या थप्पड़?
चलो, हटो, तुम बड़े वो हो जी…………..!
ओबामा जी बड़ा दुःख दीना, तुम्हारी कांग्रेस ने सब सुख छीना।
न खुदा मिला, न विसाले सनम।
न उधर के रहे, न इधर के रहे हम।।
क्या शानदार कूटनीति, विदेश नीति, सुभानाल्लाह? सीट तो मिली ही नहीं। पाकिस्तान और चीन से रिश्तों में जो कड़वाहट आई वो अलग।
बहुत खूब मोदी जी, बस ऐसे ही तमाशा बन कर तालियां बजवाते रहो और अपने भक्तों के साथ आत्म मुग्ध होते रहो।
बोलो भक्तो, भारत माता की ………………।
बस यही काफी है न? क्योंकि मादरे वतन ज़िंदाबाद, इंक़लाब ज़िंदाबाद, जय हिन्द आदि नारे तो आक्रांताओं के हैं जो उन्होंने विदेशी जुबां में हिन्दुस्तान को आज़ाद करवाने के लिए लगाये थे?
जब यह छद्म राष्ट्रवादी नागपुरी संतरे अपने अंग्रेज़ आक़ाओं की गोद में बैठ कर देश के मुजाहिदों की मुखबरी कर रहे थे।
जागो देशवासियों, खासकर युवा देशवासियो जागो, इन बुज़दिलों की हक़ीक़त जानो। वरना यह महान देश का ऐसे ही तमाशा बनाते रहेंगे और देश में पूंजीवादी राजनैतिक व्यवस्था लागू कर देश को अपने चहेते पूंजीवादियों के हाथों गिरवीं रख कर अपनी सत्ता को सुरक्षित करने का प्रयत्न करेंगे।
सैयद शहनशाह हैदर आब्दी
समाजवादी चिंतक-झांसी।अमेरिकी कांग्रेस का झटका

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7 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
August 19, 2016

आदरणीय डॉक्टर शंकर सिंह जी ! सादर अभिनन्दन ! सहमत हूँ आपसे ! सईद शहेंशाह हैदर आबिदी जी अच्छा लिखते हैं, लेकिन निष्पक्ष होकर नहीं ! देश के आम मुसलमानों से थोड़ा अलग हटकर सोचते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं ! मोदी विरोध से आप भी ग्रसित है ! देश की जनता द्वारा बहुमत से चुने हुए प्रधानमंत्री का हमेशा विरोध करना किसी देशद्रोह से कम नहीं है ! जब भी आप ऐसा करते हैं, तब आपकी अच्छी बातें भी निरर्थक साबित हो जाती हैं ! इस तरह से वो एकपक्षीय लिखेंगे तो समाजवादी पार्टी का प्रचार लगेगा ! सादर आभार !

Dr S Shankar Singh के द्वारा
June 21, 2016

प्रिय ब्लॉगर मित्र द्वय, सादर नमस्कार. मोदी जी द्वारा किया गया सबसे महत्वपूर्ण कार्य का उल्लेख करना मैं भूल गया. पिछले लगभग 50 साल से लंबित पड़ा, services का One Rank and One Pay ( OROP ) का मामला मोदी जी ने सुलझाया. आज़ादी के समय से लेकर आज तक यह काम कोई नहीं कर सका था. आप के अनुसार मेरी आँखें मुंदी हुई हैं.फिर भी मैं यह सब देख पा रहा हूँ. आप लोग खुली आँखों से भी नहीं देख पा रहे हैं. श्री हैदर आबिदी साहब sadistic मानसिकता के व्यक्ति हैं जो दूसरों को दुखी देख कर खुश होते हैं. उनकी ख़ुशी का सवब है अमेरिकी सीनेट द्वारा भारत को विशेष सहयोगीका दर्ज न दिया जाना. यह आप किसके खिलाफ लिख रहे हैं. अपने देश भारत के मोदी का भी मजाक banana का भी अवसर मिल गया. उनका लेखन कितना तर्क सगत है कृपया इस पर दुबारा विचार कर लें. गुस्ताखी माफ़

Dr S Shankar Singh के द्वारा
June 20, 2016

और भी ………..( पिछली टिप्पणी का शेष ). आज जब दुनिया में भीषण मंडी छाई हुई है भारत का GDP rate of gowth 7.9 % है जो विश्व में सबसे ऊपर है. यह मेरी समझ से बहार है कि यह सब क्यों नहीं दिखाई देता है. उनका भाषण बेजोड़ होता है. उनकी भाषण शैली सबको आकर्षित करती है और सबको तालियां बजाने पर मजबूर करती है. मैं कहना चाहूंगा कि ताली बजाने वालों को underestimate मत करिये. ये लोग intelligence में हमसे किसी प्रकार कम नहीं हैं. ये लोग कुछ सोच कर किसी उम्मीद में ही लाखों की संख्या में ताली बजाने जाते हैं. एक और बात जो मुझे नज़र आ रही है लेकिन मेरे सोये हुए मित्रों ओ नज़र नहीं आ रही है वह यह है कि UPA सरकार के समय में 2 G, 3G. CWG, KOYALA ब्लाक का आंवटन , Westland HELICOPTER DEAL जैसे एक घोटाला रोज के हिसाब से होते थे. NDA के दो साल के शासन में एक भी घोटाला नज़र में नहींआया है. ये छोटी बातें नहीं हैं.

Dr S Shankar Singh के द्वारा
June 20, 2016

प्रिय सर्व श्री जीतेन्द्र जी एवं ज ल सिंह जी, सादर अभिवादन. मुझे देश में बहुत बड़ा परिवर्तन नज़र आ रहा है. भारत -पाकिस्तान border पर पाकिस्तान द्वारा cross firing को काफी हद तक contain किया गया है. किसी सेना के सूत्र से verify कर सकते हैं. नक्सल वादी आतंक को भी नियंत्रण में लाया गया है. Railway के कार्य को चारों और प्रशंसा मिली है. infrastructure में सडकों और power generation में बहुत कार्य हो रहा है. गरीबों के लिए Insurance schemes प्राम्भ की गई हैं. दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है. दो साल में इतना कार्य UPA सरकार के समय में कभी नहीं हुआ. मोदी का मूल्यांकन अकेले में न करके युलनात्मक तरीके करिये. यह सब अगर आपको नज़र नहीं आता है तो मैं सोने वालोम को तो जगा सकता हूँ n मगर सोने का नाटक करने वालों को जगा नहीं पाउँगा. हो सकता है मोदी जी के सारे वादे पूरा करने में समय लगे, लेकिन मैं आश्वस्त हूँ की देश की गाड़ी पटरी परआ चुकी है.अगर लेखक के लिखने का ढंग चुभने वाला हो सकता है तो यह अधिकार मुझे भी मिलना चाहिए.

Dr S Shankar Singh के द्वारा
June 19, 2016

आप निश्चय ही ख़ुशी के हक़दार हैं. आप हर चीज़ में खोट निकालकर खुश होने वालों में लगते हैं. क्षण भर की ख़ुशी आपको मुबारक हो.

    Jitendra Mathur के द्वारा
    June 19, 2016

    आदरणीय डॉक्टर शंकर सिंह जी, लेखक के कहने का ढंग चुभने वाला हो सकता है जो कि निस्संदेह प्रधानमंत्री के प्रशंसकों और समर्थकों को रास नहीं आ सकता लेकिन जो कुछ भी इस लेख में कहा गया है, वह तथ्यपरक एवं अकाट्य तर्कों पर आधारित है । तालियाँ बजवाने से राष्ट्रहित नहीं साधा जाता । अमरीका ने अपने राष्ट्रहित से पृथक और कुछ न कभी देखा है, न देखेगा । उसे भारत के हितों से कोई सरोकार नहीं है । प्रधानमंत्री आत्ममुग्ध होकर सत्य से आँखें मूँद रहे हैं और अपने साथ-साथ सम्पूर्ण राष्ट्र को भ्रमित कर रहे हैं ।

    jlsingh के द्वारा
    June 19, 2016

    जी जितेन्द्र जी, आप सही कह रहे हैं. हम सब अपने प्रधान मंत्री का गुणगान करते रहें उनका भाषण बेजोड़ होता है. उनकी शैली भीड़ को आकर्षित करती है. तालियां बजने पर मजबूर करती है. असल में हासिल क्या हुआ अब तक देखना तो यही है… आदरणीय डाकटर शंकर सिंह साहब से निवेदन होगा की ऑंखें खुली रक्खें और अगर कुछ प्राप्त हुआ है या होता है तो बताएं सादर!


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